in daulat paise waalon se dekho yaari theek nahin | इन दौलत पैसे वालों से देखो यारी ठीक नहीं

  - Shubham Seth

इन दौलत पैसे वालों से देखो यारी ठीक नहीं
यारी फिर भी चल जायेगी रिश्तेदारी ठीक नहीं

मत पहनाओ अच्छे कपड़े मत डालो आदत उसको
मुफ़लिस के बच्चे को टॉफ़ी इतनी सारी ठीक नहीं

तितली वो ही फूल चुनेगी जिस पर उसका दिल आए
इक लड़की के पीछे इतनी मारामारी ठीक नहीं

इस
में गलती तेरी है जो तुझको अक्ल अभी आई
मैं तो कबसे बोल रहा हूँ ये जब्बारी ठीक नहीं

देखो तुमने प्यार किया था जख्म भरेंगे देरी से
चारागर तो बोला ही था इश्क़-बिमारी ठीक नहीं

मैंने माँ को कितना बोला मेरी चिंता छोड़ो तुम
बीपी के बीमारों को ये सोच-विचारी ठीक नहीं

ये लो ख़ंजर जितने भी हैं शिक़वे तुम बस खत्म करो
इक गलती पर ताने देना बारी-बारी ठीक नहीं

  - Shubham Seth

Friendship Shayari

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