हसीन चाँद को देखूँ तो ऐसा लगता हैतुम्हारे हुस्न-ए-समुंदर का एक क़तरा हैतुम्हारे हुस्न को देखूँ तो ऐसा लगता हैहसीन चाँद तुम्हें देख कर चमकता है— Shaikh Sohail