tujhe duniya main ab thukra raha hooñ | तुझे दुनिया मैं अब ठुकरा रहा हूँ

  - Sohil Barelvi

तुझे दुनिया मैं अब ठुकरा रहा हूँ
तेरी सुन कर बहुत पछता रहा हूँ

मेरी बुलबुल यहीं मौजूद रहना
ख़िज़ाँ को दूर ले कर जा रहा हूँ

जहाँ पर सैकड़ों दिन क़ैद था तू
वहीं से चार दिन में आ रहा हूँ

समा जाते थे मुझ में ज़ख़्म सारे
मैं अपने दिल के जैसे वा रहा हूँ

परिंदे उड़ रहे सुर-ताल में सब
ख़ुशी के गीत गाता जा रहा हूँ

मुझे खाना दोबारा दीजिएगा
मैं बर्तन साफ़ कर के आ रहा हूँ

मेरे बारे में थोड़ा सोच लेना
तेरे दिल से निकाला जा रहा हूँ

तुम अपने आप को इल्ज़ाम मत दो
मैं अपने आप से उकता रहा हूँ

अभी मौका़ है मुझ को रोक ले तू
तेरे नाज़ुक बदन तक आ रहा हूँ

  - Sohil Barelvi

Badan Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Sohil Barelvi

As you were reading Shayari by Sohil Barelvi

Similar Writers

our suggestion based on Sohil Barelvi

Similar Moods

As you were reading Badan Shayari Shayari