इक पता मुझ को भी मुस्तक़िल चाहिएदिल में घर कर सकूँ नेक-दिल चाहिएग़म मेरे हर जगह से सफ़ा कर सकेमुझ को इक ऐसा ही ग़म-गुसिल चाहिए— SHANI JADON "SWARNIM"