हुस्न है उस का या कोई है बला
मार देगा सुन तुझे ये ज़लज़ला
जीत होती ही नहीं है सच की अब
पूरी दुनिया बन गई है कर्बला
सोचना आता नहीं है हम को ये
क्या बुरा है और क्या क्या है भला
हम किसी की मानते हैं ही नहीं
हैं हमारे साथ में ये मसअला
बात दिल की सादगी से कह दें हम
इतना भी हम में नहीं है हौसला
— Subhash Ehsaas















