यूँँ ग़ुलामी से सदा भरपूर होना चाहिए
आशिक़ों को इश्क़ में मज़दूर होना चाहिए
बेवजह ही मर गया है वो किसी की याद में
बुज़दिलों को इश्क़ से कुछ दूर होना चाहिए
आप के क्या काम की है ये उदासी जाने जाँ
आप को तो इश्क़ में बस हूर होना चाहिए
ऐसे - कैसे डर रहे हैं आप हम को देख कर
आप के तो चेहरे ऊपर नूर होना चाहिए
कुछ न कर के भी उठाने चाहिए अपने ही नाज़
आदमी को ऐसे भी मग़रूर होना चाहिए
हर जगह पे चर्चा हो हर आदमी हो जानता
जंग हो या प्यार हो मशहूर होना चाहिए
— Subhash Ehsaas















