ये जो मुसलसल हँसते हो क्यूँ हँसते हो
तुम यूँ भी ख़ुश लगते हो क्यूँ हँसते हो
छत से नीचे देख के क्यूँ होते हो ख़ुश
जब तुम रस्सी देखते हो, क्यूँ हँसते हो
कोई जो पूछे हाल तो कहते हो ‘अच्छा हूँ’
गर तुम सचमुच अच्छे हो, क्यूँ हँसते हो
— Swapnil Tiwari
तुम यूँ भी ख़ुश लगते हो क्यूँ हँसते हो
छत से नीचे देख के क्यूँ होते हो ख़ुश
जब तुम रस्सी देखते हो, क्यूँ हँसते हो
कोई जो पूछे हाल तो कहते हो ‘अच्छा हूँ’
गर तुम सचमुच अच्छे हो, क्यूँ हँसते हो
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