कल तक जो शख़्स साथ मेरे था चला गया
ऐसा लगा कि आँख में तिनका चला गया
मिलने वो आए और अकेले ही आए हैं
या'नी कि कैच छूट के चौका चला गया
मैं बोल जब रहा था नहीं रोक पाए वो
सो रात भर मैं शे'र सुनाता चला गया
कमज़ोरियाँ बता के उसे सोचता हूँ मैं
आटे में पानी हद से ज़ियादा चला गया
बे-फ़िक्र था 'तनोज' ख़बर ही नहीं हुई
वो पास आया, दिल को निकाला, चला गया
— Tanoj Dadhich















