जब भी देखो वो नादानी करता है
सहरा में भी पानी पानी करता है
मुस्तक़बिल क्या ख़ाक सँवारेगा अपना
जो हरदम बस बात पुरानी करता है
कैसे समझाऊँ उसको वो गुज़र गईं
बच्चा हरदम दादी नानी करता है
बॅटिंग बॉलिंग फ़ील्डिंग नइ आती तो क्या
रहने दो अच्छी कप्तानी करता है
वोट तो जनता उसको ही देती है अब
जो नेता कम बेईमानी करता है
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