उसे भी साथ रखता, और तुझे भी अपना बना लेता
अगर मैं चाहता, तो दिल में कोई चोर दरवाज़ा बना लेता
ख़्वाब मिलाएगा कर के ख़ुश हूँ, पर ये पछतावा नहीं जाता
के मुस्तक़बिल बनाने से तो अच्छा था, तुझे अपना बना लेता
अकेला आदमी हूँ, और अचानक आए हो जो कुछ था हाज़िर है,
और तुम आने से, पहले बता देते, तो कुछ अच्छा बना लेता
— Tehzeeb Hafi















