धूप पड़े उस पर तो तुम बादल बन जानाअब वो मिलने आए तो उस को घर ठहराना।तुम को दूर से देखते देखते गुज़र रही हैमर जाना पर किसी गरीब के काम न आना।— Tehzeeb Hafi