मेरे तो साथ बस बस रहे हो
बोल के मीठा बस रस रहे हो
साप की बाँबी ये मसअला भी
ज़ात बस ज़ात कह डस रहे हो
यार नाज़ुक है नब्ज़ों की हालत
आप फंदा ही क्यूँ कस रहे हो
इतनी बारीकी अच्छी नहीं है
बालों में ढूंढ तुम नस रहे हो
— Abhishek Baba
बोल के मीठा बस रस रहे हो
साप की बाँबी ये मसअला भी
ज़ात बस ज़ात कह डस रहे हो
यार नाज़ुक है नब्ज़ों की हालत
आप फंदा ही क्यूँ कस रहे हो
इतनी बारीकी अच्छी नहीं है
बालों में ढूंढ तुम नस रहे हो
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