तेरे आगे ज़माना कुछ नहीं है
मेरी नज़रों में दुनिया कुछ नहीं है
मुझे हर बार धोखा ही मिला है
मगर दिल है समझता कुछ नहीं है
ज़रूरत साथ ले आई है वरना
हमारे बीच रिश्ता कुछ नहीं है
बहुत ता'रीफ़ करता है वो उसकी
मगर वो उसपे लिखता कुछ नहीं है
सभी से 'इश्क़ करता फिर रहा है
मगर वो करता धरता कुछ नहीं है
मेरी वीरान सी इस ज़िंदगी में
उदासी के अलावा कुछ नहीं है
वो भी पैसे कमाते फिर रहे हैं
जो कहते थे कि पैसा कुछ नहीं है
मोहब्बत करने तो तुम जा रहे हो
मियाँ पर इस
में रक्खा कुछ नहीं है
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