इश्क़ करने वाला अब क्या किसी को मारेगा
बात-बात पर अपने आप ही को मारेगा
इश्क़ है ये तेरा माॅडल ज़माने के जैसा
अब तू हर किसी के बस सादगी को मारेगा
है नया-सा चेहरा तो दोस्त भी कई होगें
आप के लिए कोई हम सभी को मारेगा
आप और मैं इक दूजे के हो रहे हैं बस
ये ख़याल तो हर इक आदमी को मारेगा
— Aakash Giri















