वो मुझे हर दफ़ा आज़माती रही
मुझ को पागल वो लड़की बनाती रही
यार तुम से मोहब्बत है कहता रहा
और वो लड़की खड़ी मुस्कुराती रही
वो नहीं आया मुझ को कभी देखने
और मेरी रूह उस को बुलाती रही
याद उस को करेंगे नहीं सोचा था
रात भर उस की ही याद आती रही
मैं ने जब जब उसे कॉल की ये हुआ
यार घर में सभी हैं बताती रही
हम उसे याद करते रहे उम्र भर
वो हमें धीरे धीरे भुलाती रही
उस ने जब कर ली शादी किसी ग़ैर से
फिर मेरी जान धीमे से जाती रही
— Vaseem 'Haidar'















