@vaseemali543
Vaseem Rukh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vaseem Rukh's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
5
Content
350
Likes
107
दिल मिरा तोड़ा है हर किसी ने
जान मेरी नहीं ली नदी ने
साथ चलना मुझे कहती थी वो
साथ छोड़ा मिरा फिर उसी ने
एक दिन उस ने शादी रचाई
ख़त दिया मुझ को उसकी सखी ने
मैं रहा उलझा इक पहेली पर
साँप बैठा है हर चमेली पर
एक बाबा ने देखा हाथ मिरा
वो लिखी है मिरी हथेली पर
मेरी ख़ातिर वो ख़ूब रोता था
उसकी आँखों में एक दरिया था
इक नज़र देखने के वास्ते वो
वो गली से मिरी गुज़रता था
अब तुम्हारी वो मुहब्बत क्या हुई
तुम मिरे हो ये नसीहत क्या हुई
तुमको तो नफ़रत थी मुझसे जान-ए-जाँ
ये बताओ अब वो नफ़रत क्या हुई
याद इक दिन मुझे करोगे तुम
एक दिन मेरा नाम लोगे तुम
क्या करूँ तुमको रोक कर जानाँ
जानता हूँ नहीं रुकोगे तुम
इक उससे मिलने की घड़ी जाती रही
आँखों की फिर ये रौशनी जाती रही
वो छोड़ के मुझको बहुत ख़ुश है वहाँ
और उसके ग़म में जाँ मिरी जाती रही
उसको रुख़्सत किया था जहाँ पर
जाने क्यों हम वहीं पर खड़े हैं
मुझको पागल बना के वहाँ वो
जान-ए-जाँ किसके पीछे पड़े हैं
तन्हाई में उसको पुकारा करते हैं
ऐसे ही हम तो बस गुज़ारा करते हैं
अब उसको हमसे कोई नाता ही नहीं
अब शहर से उसके किनारा करते हैं
अब किसी को भुलाने से क्या होता है
दिल मगर अपनी जिद पे अड़ा होता है
दिल लगा के भी मैंने यहाँ देखा है
शख़्स कोई भी हो बे-वफ़ा होता है
ख़्वाहिशों की मिरे ख़ुदकुशी हो गई
उसकी जाने कहाँ दोस्ती हो गई
गाँव में एक दिन के लिए आई थी
वो तभी से मिरी ज़िंदगी हो गई
मैंने पूछा नहीं है उन्हें कुछ
वो मिरे घर पे आए हुए हैं
आज क्यों याद आई है मेरी
लगता है वो सताए हुए हैं
उम्र भर उसको याद करना है
और बुरे हाल से गुज़रना है
वो है ख़ुश मेरे हाल पर यारों
जीना नइँ अब मुझे तो मरना है
मैं उसे सोचता हूँ फ़ुर्क़त में
वो गया यार किसकी क़िस्मत में
बे-वफ़ाई ज़रूर करनी है
ये लिखा तो नहीं शरीअत में
सच कहूँ तुम बहुत ही प्यारी हो
हर दुआ पूरी अब तुम्हारी हो
एक दिन गुज़रा है तुम्हारे बिन
यूँ लगा उम्र इक गुज़ारी हो