तुम सिर्फ़ मेरे हो शिकायत करती थी
लड़की कोई इतनी मोहब्बत करती थी
मैं अब तुम्हारा हो नहीं सकता यहाँ
वो ऐसी बातों से ही नफ़रत करती थी
मेरे गले लग तो नहीं पाई वो फिर
मेरे गले लगने की हिम्मत करती थी
मुझसे जुदा हो कर वहाँ रोती है वो
रब जाने वो क्यूँ इतनी उजलत करती थी
मैं उसका हो कर सारे का सारा रहूँ
ख़ातिर मिरी सबसे अदावत करती थी
वो मुझसे इतना प्यार कैसे कर रहा
मेरी मोहब्बत पर वो हैरत करती थी
भीड़ क्यूँ है कौन रुख़्सत कर गया
रो रहे हैं सब कोई तो मर गया
ज़िंदगी ये छोड़ कर सब भूला है
तोड़ कर रिश्ता ख़ुदा के घर गया
ओढ़ली चादर यहाँ रुस्वाई की
उसका लड़का तो यहाँ अब डर गया
अब तुम्हारी शादी होगी धूम से
अब यहाँ किसके सहारे कर गया
रोता रहा तेरे लिए मेरे सनम
ग़म में तिरे आँसू पिए मेरे सनम
तुझको नहीं है अब ख़बर फिर क्या हुआ
तेरे लिए कैसे जिए मेरे सनम
फिर तू चला भी तो गया था याद है
तेरे जतन तो सब किए मेरे सनम
नहीं अब ज़िंदगी है ख़्वाब में
मैं हूँ बरबाद तू फूले फले
नहीं कोई हुआ झगड़ा कहीं
मिरी जाँ हाथ फिर कैसे कटे
मुझे अब यहाँ याद आती नहीं
यहाँ वो मोहब्बत भुलाई गई
कहीं भी नहीं याद उसकी अभी
मुझे भी यहाँ लत लगाई गई