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रोता रहा तेरे लिए मेरे सनम
ग़म में तिरे आँसू पिए मेरे सनम
ग़म में तिरे आँसू पिए मेरे सनम
तुझ को नहीं है अब ख़बर फिर क्या हुआ
तेरे लिए कैसे जिए मेरे सनम
फिर तू चला भी तो गया था याद है
तेरे जतन तो सब किए मेरे सनम
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उस चाँद को हमारी भी फ़िक्र है कहाँ अब
वो चाँद रात को आँगन में मिला किसी से
वो चाँद रात को आँगन में मिला किसी से
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इश्क़ भी है यहाँ हमें यारों
यार वहशत नहीं मोहब्बत से
यार वहशत नहीं मोहब्बत से
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सब्र कैसे मुझे यहाँ होगा
तुम मिरे हो नहीं कहीं भी अब
तुम मिरे हो नहीं कहीं भी अब
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