नहीं अब ज़िंदगी है ख़्वाब मेंमैं हूँ बर्बाद तू फूले फलेनहीं कोई हुआ झगड़ा कहींमिरी जाँ हाथ फिर कैसे कटे— Vaseem 'Haidar'