दिल मिरा तोड़ा है हर किसी नेजान मेरी नहीं ली नदी नेसाथ चलना मुझे कहती थी वोसाथ छोड़ा मिरा फिर उसी नेएक दिन उस ने शादी रचाईख़त दिया मुझ को उस की सखी ने— Vaseem 'Haidar'