अपना पूरा ज़ोर लगा कर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
नफ़रत की दीवार गिराकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
'इश्क़ के मुनकिर पूछ रहे हैं पहले गर्दन देगा कौन
अब तो दोनों हाथ उठाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
तेरी चुप्पी ये साबित कर देगी कि तू बुज़दिल है
वरना आँख से आँख मिलाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
इस धरती से उस अंबर तक एक ही नारा गूँजेगा
मेरे संग आवाज़ मिलाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
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