ये ज़मीं आसमान की दूरीरूह से जिस्म जान की दूरीझूठ सच में जले जिए कितनाज़िंदगी इम्तिहान की दूरीदर्द को ये समझ नहीं आताप्यार है इत्मीनान की दूरी— Vinod Ganeshpure