सोचना भी अजीब आदत है
ये भी तो सोचने की सूरत है
मैं किसी दूसरे का सौदा हूँ
आप के पास मेरी क़ीमत है
पहले हँसने पे भी न राज़ी थे
अब उदासी से भी शिकायत है
अब मुझे आप छोड़ जाइएगा
अब मुझे आप की ज़रूरत है
आप का हाथ माँगता हूँ मैं
आप के हाथ मेरी किस्मत है
— Vikas Rana















