अपने दिल को तू मेरे दिल के बराबर रख दे
बेवफ़ा हूँ तो मेरे सीने पे ख़ंजर रख दे
मेरा दिल देख न पाएगा तुझे जाते हुए
जाने से पहले मेरे दिल पे तू पत्थर रख दे
उस के जाने से हुई थी मेरी हालत ऐसी
जिस तरह राख को भी कोई जला कर रख दे
— Viru Panwar Viyogi
बेवफ़ा हूँ तो मेरे सीने पे ख़ंजर रख दे
मेरा दिल देख न पाएगा तुझे जाते हुए
जाने से पहले मेरे दिल पे तू पत्थर रख दे
उस के जाने से हुई थी मेरी हालत ऐसी
जिस तरह राख को भी कोई जला कर रख दे
Other ghazal from the same pen
Voices in the same orbit
Poetry by feeling