उस को मुझ से नहीं था प्यार उसे जाने दिया
था उसे रोकना बेकार उसे जाने दिया
इश्क़ में ज़ोर-ज़बरदस्ती नहीं की जाती
उस की मर्ज़ी से मेरे यार उसे जाने दिया
भीख फ़रियाद गुज़ारिश से भी जब वो न रुकी
मान ली दिल ने मेरे हार उसे जाने दिया
माँगा था रब से दुआओं में उसे लेकिन जब
रब ने भी कर दिया इनकार उसे जाने दिया
जो तेरे दिल में धड़कती थी मोहब्बत बन कर
तू ने ये क्या किया 'पंवार' उसे जाने दिया
— Viru Panwar Viyogi















