ye hai to sab ke li.e ho ye zid hamaari hai | ये है तो सब के लिए हो ये ज़िद हमारी है

  - Waseem Barelvi

ये है तो सब के लिए हो ये ज़िद हमारी है
इस एक बात पे दुनिया से जंग जारी है

उड़ान वालो उड़ानों पे वक़्त भारी है
परों की अब के नहीं हौसलों की बारी है

मैं क़तरा हो के भी तूफ़ाँ से जंग लेता हूँ
मुझे बचाना समुंदर की ज़िम्मेदारी है

इसी से जलते हैं सहरा-ए-आरज़ू में चराग़
ये तिश्नगी तो मुझे ज़िंदगी से प्यारी है

कोई बताए ये उस के ग़ुरूर-ए-बेजा को
वो जंग मैं ने लड़ी ही नहीं जो हारी है

हर एक साँस पे पहरा है बे-यक़ीनी का
ये ज़िंदगी तो नहीं मौत की सवारी है

दुआ करो कि सलामत रहे मिरी हिम्मत
ये इक चराग़ कई आँधियों पे भारी है

  - Waseem Barelvi

Birthday Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Waseem Barelvi

As you were reading Shayari by Waseem Barelvi

Similar Writers

our suggestion based on Waseem Barelvi

Similar Moods

As you were reading Birthday Shayari Shayari