ये काँधे से सरकता है दुपट्टा
नशे में तेरे कितना है दुपट्टा
ख़ुदा ने की शरारत कोई वरना
घड़ी में कैसे उलझा है दुपट्टा
लिपट के उस से रहता है हमेशा
बड़ी क़िस्मत ले आया है दुपट्टा
किसी ने फूल ख़ुशबू चाँद शबनम
सितारों से सजाया है दुपट्टा
मुझे है ज़िंदगी से मौत प्यारी
मेरी अर्थी ने ओढ़ा है दुपट्टा
है आख़िर इस
में ऐसा क्या बताओ
किसी को ख़ुद से प्यारा है दुपट्टा
कोई कहता है मेरे देश की शान
कोई कहता तिरंगा है दुपट्टा
— Anuj Vats















