Mohd Arham

Top 10 of Mohd Arham

    बैठे बैठे ये सोचते हैं हम
    क्या हमें वो भी सोचता होगा
    Mohd Arham
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    सब्र करता नहीं यहाँ कोई
    और फल चाहते हैं मीठा लोग
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    लबों ने छू लिया फिर से लबों को
    लबों से फिर शरारत हो गई है
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    कहाँ से सीखा है तुमने ये अरहम
    की हर इक बात पे बस चीखना है
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    ज़रा तो सोच दिल को तोड़ने वाले
    कि तेरा हश्र के दिन हाल क्या होगा
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    मयस्सर थी कभी ये रात हम को भी
    कभी सोते थे हम भी चैन से अरहम
    Mohd Arham
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    मोहब्बत में वो इक हारा हुआ लड़का
    जो उससे हाल पूछो रोने लगता है
    Mohd Arham
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    मैं उसको अपना सब कुछ मानता था
    मेरा होना भी जिसका मसअला था

    मोहब्बत ख़त्म होने जा रही थी
    वो मेरे साथ अब उकता रहा था

    मेरी चीखें भी सुन के वो न लौटा
    जो आहट तक मेरी पहचानता था

    रवानी ख़ून की कम हो चुकी थी
    गले मिलना ज़रूरी हो गया था

    वो मुद्दत बाद मुझसे मिल रही थी
    मैं उसको देखते ही रो पड़ा था

    मेरे सब ज़ख़्म यूँ तो भर चुके थे
    मगर वो मुझमें अब भी रह गया था

    गँवा के उम्र अपनी सारी 'अरहम'
    दुआ मरने की अब मैं कर रहा था
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    Mohd Arham
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    ग़रीबी ओढ़ती है सिर पे चादर
    अमीरी जिस्म ढकती क्यों नहीं है
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    भरोसा मुझको ऐसे शख़्स पे था
    की जिसने पेड़ काटा साया करके
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