Arkam zahid

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@arkamzahid_049

Arkam zahid shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Arkam zahid's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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  • Sher

मेरी हालत तो देखिए साहब
मुझपे कितने ये ज़ुल्म होते हैं

Arkam zahid

तुम मेरे साथ क्यूँ नहीं चलते
तुमने वादा किया था चलने का

Arkam zahid

अरकम तुम्हारा साथ निभाने के वास्ते
वो लड़ के आ गई है ज़माने से देख लो

Arkam zahid

ग़म की चादर को सर से उठा कर कहा
फिर मेरे दिल को उसने लुभा कर कहा

कुछ भी रहता नहीं है हमेशा को अब
उसने चाहत लिखा फिर मिटा कर कहा

Arkam zahid

मेरी चाहत मेरी उल्फ़त का आख़िर ये सिला देंगे
मुझे ले जाके कंधों पे ये मिट्टी में मिला देंगे

Arkam zahid

हर ख़ुशी ग़म के सहारे कौन है इनका यहाँ
उम्र के दोनों किनारे कौन है थमता यहाँ
बाँट ली बच्चों ने दौलत पर यहीं तो रह गए
बाप माँ किसको पुकारे कौन है अपना यहाँ

Arkam zahid

तुम डराते थे मुझे मुझसे जुदा हो जाओगे
देख लो मैं हूँ वहीं और दिल से मेरे डर गया

Arkam zahid

तुमको जाना है तो जाओ रोकता भी कौन है
कल जो तुमको रोकता था आज वो तो मर गया

Arkam zahid

वो कहानी का ये किरदार बदल डालेंगे
सच जो बोलूँगा तो अख़बार बदल डालेंगे

दाग़ चेहरे पे है लेकिन ये भला कौन करे
सच जो बोला तो तरफ़दार बदल डालेंगे

Arkam zahid

था तो वो दिल ही तुम्हारा अब है शायद भर गया
बाँध कर सामान अपना इश्क़ अपने घर गया

Arkam zahid

था तो वो दिल ही तुम्हारा अब है शायद भर गया
बाँध कर सामान अपना इश्क़ अपने घर गया

Arkam zahid

तुम्हारा साथ होगा तो सफ़र आसान होगा फिर
नमाज़ -ए- इश्क़ होगी फिर मेरा ईमान होगा फिर

Arkam zahid

उसके लहज़े में कलाकारी नहीं थी
नखरे थे उसके अदाकारी नहीं थी

अरक़म उसका बस तख़ल्लुस ही वफ़ा था
पर बाकी उस में वफादारी नहीं थी

Arkam zahid