@arkamzahid_049
Arkam zahid shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Arkam zahid's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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ग़म की चादर को सर से उठा कर कहा
फिर मेरे दिल को उसने लुभा कर कहा
कुछ भी रहता नहीं है हमेशा को अब
उसने चाहत लिखा फिर मिटा कर कहा
मेरी चाहत मेरी उल्फ़त का आख़िर ये सिला देंगे
मुझे ले जाके कंधों पे ये मिट्टी में मिला देंगे
हर ख़ुशी ग़म के सहारे कौन है इनका यहाँ
उम्र के दोनों किनारे कौन है थमता यहाँ
बाँट ली बच्चों ने दौलत पर यहीं तो रह गए
बाप माँ किसको पुकारे कौन है अपना यहाँ
वो कहानी का ये किरदार बदल डालेंगे
सच जो बोलूँगा तो अख़बार बदल डालेंगे
दाग़ चेहरे पे है लेकिन ये भला कौन करे
सच जो बोला तो तरफ़दार बदल डालेंगे
तुम्हारा साथ होगा तो सफ़र आसान होगा फिर
नमाज़ -ए- इश्क़ होगी फिर मेरा ईमान होगा फिर
उसके लहज़े में कलाकारी नहीं थी
नखरे थे उसके अदाकारी नहीं थी
अरक़म उसका बस तख़ल्लुस ही वफ़ा था
पर बाकी उस में वफादारी नहीं थी