
हर ख़ुशी ग़म के सहारे कौन है इनका यहाँ
उम्र के दोनों किनारे कौन है थमता यहाँ
बाँट ली बच्चों ने दौलत पर यहीं तो रह गए
बाप माँ किस को पुकारे कौन है अपना यहाँ
— Arkam zahid
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