रात दिन जिस को तू हर दम सोचती है
क्या वही इक शख़्स तेरी ज़िंदगी है
देख कर तस्वीर तेरी सोचता हूँ
ईद से पहले मुझे ईदी मिली है
रात सारी कट गई ये सोचने में
क्या उसे मुझ से मोहब्बत आज भी है
— Yashvardhan Mishra 'Hind'
क्या वही इक शख़्स तेरी ज़िंदगी है
देख कर तस्वीर तेरी सोचता हूँ
ईद से पहले मुझे ईदी मिली है
रात सारी कट गई ये सोचने में
क्या उसे मुझ से मोहब्बत आज भी है
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