कभी पूछना मत किसे चाहते हैं
पता है तुझे हम तुझे चाहते हैं
बुराई जो करते हैं उस की हाँ मुझ से
ख़बर है ये भी बस उसे चाहते हैं
न मुझ से तू मिलना हाँ घर पे ही रहना
नहीं तेरे आशिक़ नए चाहते हैं
हाँ जाना है जा जीने की वज्ह तो दे
कभी तुझ से लगना गले चाहते हैं
ख़ुदा मौत देना तू उस के ही जाते
ये यादें न उस को चुभे चाहते हैं
— 100rav















