phir se gir jaayen aisa haal nahin | फिर से गिर जाएँ ऐसा हाल नहीं

  - ATUL SINGH

फिर से गिर जाएँ ऐसा हाल नहीं 'इश्क़ में अब तेरे कमाल नहीं

मैंने देखा था तुझको ख़्वाबों में
अब हक़ीक़त का भी ख़याल नहीं

मुद्दतों बाद वो मिला इक दिन
था बिछड़ने का भी मलाल नहीं

दे रहे हैं वो सब जवाब मुझे
जो समझते मेरा सवाल नहीं

उसकी मेहँदी में नाम तो है मेरा
हाँ मगर उसका रंग लाल नहीं

ग़म को मेरे तू कैसे समझेगा
तूने देखा मेरा विसाल नहीं

  - ATUL SINGH

Valentine Shayari

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