neend kahti hai ki itni raushni achchhii nahin | नींद कहती है कि इतनी रौशनी अच्छी नहीं

  - Aditya

नींद कहती है कि इतनी रौशनी अच्छी नहीं
डर ये कहता है कि सूरज की कमी अच्छी नहीं

ज़िन्दगी में, आशिक़ी हो, धूप हो या छाँव हो
यार मेरे हद से ज़्यादा शय कोई अच्छी नहीं

दूर ज़्यादा ही निकल आए हैं अब हम इश्क़ से
इतनी दूर आकर यहाँ से वापसी अच्छी नहीं

लोग मुझको आते जाते अब सलाह देते हैं ये
मयकशी तो ठीक है पर शा'इरी अच्छी नहीं

पैरहन जैसे बदलते हो तुम अपने यार भी इश्क़ बाज़ी में भला आवारगी अच्छी नहीं

मुँह में कुछ है दिल में कुछ तेरा यक़ीं कैसे करें
दुश्मनी ही ठीक तुझ सेे दोस्ती अच्छी नहीं

  - Aditya

Ishq Shayari

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