Aditya
Aditya
Sher

मुझे कुछ दिन से तेरी याद ललचाने लगी है फिर

मुझे डर है कि दिल फिर इश्क़-पिंजरे में न आ जाए

— Aditya

Aditya की और रचनाएँ

इसी क़लम से और sher

Aditya की सभी रचनाएँ देखें →

Yaad Shayari

yaad के शेर।

सभी Yaad Shayari शायरी →

मिलते-जुलते शायर

उसी अंदाज़ की आवाज़ें

मूड से ब्राउज़ करें

एहसास के अनुसार शायरी