नई उम्मीद एहसासों भरा रिश्ता मुबारक़ हो
नए उस शख़्स को पहले से ही धोका मुबारक़ हो
कि जिस के ख़्वाब देखे थे जिसे वर्षों से पाला था
हमारे ख़्वाब के बेटे का अब मरना मुबारक़ हो
मेंरे होंठो की जानिब से यही आवाज़ आई है
तुम्हें उस ग़ैर की जानिब से ही बोसा मुबारक़ हो
फ़क़त हसरत ये पाली थी फ़कत ख़्वाहिश भी इतनी थी
तुम्हारा साथ होता और कोई कहता मुबारक़ हो
— Abhijeet Mishra















