उन का जब भी मन हो आते जाते हैंकह सकता हूँ वो बस दिल बहलाते हैंजी करता है फोड़ लूँ अपनी आँखें मैंजिनमें अब भी ख़्वाब तुम्हारे आते हैं— Abhinav srivastava