yahaañ koi nahin meraa yahaañ bas tum sahaara ho | यहाँ कोई नहीं मेरा, यहाँ बस तुम सहारा हो

  - Ajay Choubey

यहाँ कोई नहीं मेरा, यहाँ बस तुम सहारा हो
तरी हूँ मैं बहकती सी, यहाँ तुम ही किनारा हो

यहाँ डरता हुआ सा मैं कहीं खोना नहीं मुझको
वहाँ दिल को जलाती तुम लगे कोई शरारा हो

यहाँ पतझड़ बसा मुझ
में उड़ूं मैं ख़ाक की मानिंद
वहाँ बारिश बसी तुझ में, लगे जैसे बहारा हो

यहाँ बिखरा हुआ सा मैं, कहीं मैं हूँ कहीं जुल्फ़ें
बला की ख़ूब-सूरत तुम लगो जैसे, ख़ुदारा! हो

यहाँ देखो नज़र भर के अजय है देखता तुझको
ख़ुदा को तुझ में ढूँढू मैं, ख़ुदा का तुम इशारा हो

  - Ajay Choubey

Dil Shayari

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