yashoda ke dulaare radhika ka pyaar hain mohan | यशोदा के दुलारे राधिका का प्यार हैं मोहन

  - Ajay Choubey

यशोदा के दुलारे राधिका का प्यार हैं मोहन
हमारे साथ खेलें जो हमारे यार हैं मोहन

बसे संगीत सारे और सारे राग राधा में
मगर रागों का भी जो राग वो मल्हार हैं मोहन

मोहब्बत के समुंदर में तो डूबे जा रहे थे हम
बचा जिसने लिया हमको वही पतवार हैं मोहन

हज़ारों बार पढ़ लो चाहे गीता कुछ नहीं मिलता
सिवाए इस हक़ीक़त के कि गीता सार हैं मोहन

न जाने कितने कौरव और कितने कंस बैठे हैं
यहाँ हर द्रोपदी की एक ही दरकार हैं मोहन

  - Ajay Choubey

Rahbar Shayari

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