vaa'da to kiya tha bhale aaya kabhi nahin | वा'दा तो किया था भले आया कभी नहीं

  - Ajay Choubey

वा'दा तो किया था भले आया कभी नहीं
मैंने भी जा चुके को बुलाया कभी नहीं

शाम-ओ-सहर हमेशा उसे देखता रहा
उसने भले हिजाब हटाया कभी नहीं

ये सच है उसने ख़ुद से ज़ुदा तो नहीं किया
ये बात भी है ख़ुद से मिलाया कभी नहीं

दुख के दिनों में साथ खड़े तो ज़रूर थे
लेकिन किसी ने हाथ बढ़ाया कभी नहीं

हाँ मुझ सेे डूबते को बचाया नहीं गया
लेकिन किसी को मैंने डुबाया कभी नहीं

कल उसकी क़ब्र पे मैं गया तो पता चला
उसने किसी को पास बिठाया कभी नहीं

इक वक़्त बाद आ गई रूपोशी की अदा
फिर मैंने मुँह किसी को दिखाया कभी नहीं

  - Ajay Choubey

Udasi Shayari

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