
बहुत से ग़म समेट कर बनाई एक डाइरी
चुवाव देख रात भर बनाई एक डाइरी
ये हर्फ़ हर्फ़ लफ़्ज़ लफ़्ज़ क़ब्र है वरक़ वरक़
दिल-ए-हज़ीं से इस क़दर बनाई एक डाइरी
— Aves Sayyad
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