
हिदायत सख़्त देकर के उसे तुम छोड़ सकते थे
जिसे चाहो नहीं मिलता मिथक ये तोड़ सकते थे
किसी की आँख का तारा भला तोड़ा अचानक क्यूँ
कहानीकार थे तुम तो कहानी मोड़ सकते थे
— Akash Gagan Anjaan
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