jo chahte the aap main goya nahin laga | जो चाहते थे आप मैं गोया नहीं लगा

  - Aqib khan

जो चाहते थे आप मैं गोया नहीं लगा
शुक्र-ए-खुदा मैं आपको अच्छा नहीं लगा

इस बार अश्क कर चुके क़ीमत अदायगी
इस बार तेरा जाना भी ज़ाया' नहीं लगा

इक वक़्त जब था हम सा नहीं ख़ास कोई भी
इक वक़्त आया उसको मैं बंदा नहीं लगा

ऐसा न हो कि लोग तुझे भूलने लगें
अपने तू आने जाने पे पहरा नहीं लगा

नज़दीक वाली दूरी भी पहचान ली गई
जब सर को तेरा शाना वो शाना नहीं लगा

जाने पे उसके यारों बहुत ही बुरा लगा
लेकिन वो तुम सेे पूछे तो कहना नहीं लगा

हर बार ही निशाने पे लगता नहीं है ना
इस बार अपना तीर भी माना नहीं लगा

  - Aqib khan

Aadmi Shayari

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