
दिल-ए-विरान में कुछ भी नज़र नहीं आता
तुम्हारे बा'द यहाँ सब धुआँ धुआँ सा है
वो हर सवाल के बदले जवाब चाहता था
वो लड़का जो कि तेरी सम्त बे-ज़बाँ सा है
— Aqib khan
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