दिल से हारा मैं ही हूँ
ग़म का प्याला मैं ही हूँ
तुम अब सब को जान चुके
एक अनजाना मैं ही हूँ
सब के कपड़े साफ़ सफ़ेद
बस इक मैला मैं ही हूँ
खुल जाता हूँ अक्सर ही
मेरा पिंजरा मैं ही हूँ
आईना तो टूट चुका
मेरा साया मैं ही हूँ
जिस की तुम को चाहत है
कह भी दो ना मैं ही हूँ
मेरे जैसा कोई नहीं
मेरे जैसा मैं ही हूँ
— Amaan Pathan















