नफ़स में उस के कोई है जो उस का है

वगरना कौन ख़ुद से बातें करता है

मोहब्बत में वो इक हारा हुआ लड़का
जो उस से हाल पूछो रोने लगता है

न है उम्मीद उस के लौट आने की
मगर वो राह उस की अब भी तकता है

बड़ी बेचैनी से वो छत पे आती है
गली में या'नी कोई अब भी रहता है

सितारे सब उसी के साथ चलते हैं
हमारे साथ आख़िर कौन चलता है

कहानी ख़त्म तेरी हो चुकी 'अरहम'
उसे अब प्यार कोई और करता है

— Mohd Arham

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Rahbar Shayari

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