वो मुझे ढूँढता रहता है ये बताने को
मैंने आग लगा दी है असियाने को
दिल को रोता हुआ छोड़ा है एक बच्चे की तरह
कोई मिलता ही नहीं इसको चुप कराने को
मैं ज़िंदगी से इस लिए भी ख़फ़ा रहने लगा हूँ
अब वजह ही कहाँ रह गई है मुस्कूराने को
अब मुझे मरने से डर नहीं लगता
मैंने कंधा दे दिया ख़ुद के ही जनाज़े को
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