तेरी सूरत बारी बारी देखेंगे
जब देखेंगे प्यारी प्यारी देखेंगे
तेरे चक्कर में हम जैसे दीवाने
कब तक उल्फ़त की बीमारी देखेंगे
तेरे आए ख़त को कोरा सा पा कर
कैसे हम अपना मन भारी देखेंगे
इक तरफा डूबे चाहत के सागर में
लगता है बरबादी सारी देखेंगे
जब तू बोलेगा मेरी हाँ है पगली
तब क्या शादी की तैयारी देखेंगे
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