Chetan
Chetan
Ghazal

ख़ुद से ज़ेहनी लड़ाई थी ऐ दिल

तुझ से कब आशनाई थी ऐ दिल

तुझ से नज़रें मिलाई थी ऐ दिल
तू ने जन्नत दिखाई थी ऐ दिल

यूँ ही मायूस तो नहीं हैं हम
हम ने हिम्मत दिखाई थी ऐ दिल

जिन की आँखों में आँसू देखे थे
उन को धड़कन सुनाई थी ऐ दिल

धड़कनें भी उसी ने रोकी हैं
जिस ने तड़पन बढ़ाई थी ऐ दिल

बे-वफ़ा धड़कनें रुकेंगी कब
आज उन की विदाई थी ऐ दिल

— Chetan

More by Chetan

Other ghazal from the same pen

See all from Chetan →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling