ख़ुद से ज़ेहनी लड़ाई थी ऐ दिल
तुझ से कब आशनाई थी ऐ दिल
तुझ से नज़रें मिलाई थी ऐ दिल
तू ने जन्नत दिखाई थी ऐ दिल
यूँ ही मायूस तो नहीं हैं हम
हम ने हिम्मत दिखाई थी ऐ दिल
जिन की आँखों में आँसू देखे थे
उन को धड़कन सुनाई थी ऐ दिल
धड़कनें भी उसी ने रोकी हैं
जिस ने तड़पन बढ़ाई थी ऐ दिल
बे-वफ़ा धड़कनें रुकेंगी कब
आज उन की विदाई थी ऐ दिल
— Chetan















