तू नहीं है मगर तसल्ली है
तेरे ज़ख़्मों ने जगह भर दी है
रूठ के तुझ से हम कहाँ सोएँ
घर न माने कि कमरा ख़ाली है
तुझ को देखा तो होश आया है
तेरे ग़म में ज़ियादा पी ली है
— Chetan
तेरे ज़ख़्मों ने जगह भर दी है
रूठ के तुझ से हम कहाँ सोएँ
घर न माने कि कमरा ख़ाली है
तुझ को देखा तो होश आया है
तेरे ग़म में ज़ियादा पी ली है
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