कैसे कैसे मेरी माॅं ने पाला मुझे
बाप ने किस तरह से सँभाला मुझे
अपने आँचल को रक्खा है सर पे मेरे
और हर मुश्किलों से निकाला मुझे
जब भी गिरने लगा राह चलते हुए
मेरे माँ बाप ने है सँभाला मुझे
मैं किसी रोज़ भूखा न सो जाऊॅं सो
अपने मुँह का खिलाया निवाला मुझे
— DEEPAK CHATURVEDI















